वेब-साइड संचालन

वेब साइड संचालन के लिए ग्राम पंचायत में एक समिति बनायीं गयी हे जिसमे छ :सदस्य हे
1.  श्री मति रोड़ी बाई मीना         सरपंच           09649536317
2.  श्री मांगी लाल पाटीदार         उप सरपंच     09414436614
3. श्री निर्मल कुमार जैन             बार्ड पंच        09001672211
4. श्री प्रकाश कुमावत               बार्ड पंच         09784012875
5. श्रीमति सीता बाई                बार्ड पंच         —————
6. श्री दिनेश चंद मीना              बार्ड पंच        07568852719

इन सदस्यों का यह काम रहता हे की जो भी पंचायत सम्बन्धी जानकारी होगी उसे लिख कर उस लिखे हुए जानकारी को यह समिति के लोग तय करेगे की कोनसी जानकारी डाली जाएगी और कोनसी नहीं फिर जो डालना हे उस पर दो सदस्य हताक्षर करेगे तभी इस वेब साइड में कोई जानकारी डाल सकते हे
संकल्पनानोट
“तकनीकीकृत साशन और विकेन्द्रिकित आयोजन कोर्स “, एक सांझा परियोजना है स्विस एजेंसी फॉर डेवेलपमेंट ऐंड कोवापरेशन (एस.डी.सी.), कच्छ नवनिर्माण अभियान और पारिस्थितिक सुरक्षा संस्थान के बीच. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को एक स्वतंत्र स्वशासन एकाई के रूप मे स्थापित करना. भारत के इतिहास में पंचायतों का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है. ये हमारे देश के प्रशासनिक और राजनीतिक संरचना के मूल-भूत आधार है. १९२२ के संवैधानिक संशोधन के बाद पंचायतों को बहुत सारी शक्तिया विकेन्द्रिकिद की गयी ताकि ये स्वतंत्र ईकाई की तरह काम कर सके और ज़िम्मेदारी-पूर्वक स्थानीय समस्याओ को समझकर उनके लिए आयोजन बनायें एवं सरकारी कार्यक्रमों का अच्छे तरीके से क्रियान्वयन कर सके, ताकि सही लाभार्तियो को लाभ मिले.
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों का क्षमता- वर्धन करना, जिसके तहत वे अपने पद की अहमियत को समझे, अपने कर्तव्य एवम् अधिकारों के बारे मे जाने. इन सब चीज़ों के अलावा आयोजना बनाना, जो की किसी भी छेत्र के विकास की नीव है, उसके बारे मे बताना, ताकि वे अपने छेत्र की अच्छी दीर्घकालिक और सामाजिक न्यायसंगत योजना बना सके. इस कार्यक्रम का एक मुख्य भाग टेक्नालजी है, जो की पंचायत प्रतिनिधियों को इंटरनेट से भली भाँति परिचित कराना ताकि वे नये सरकारी योजनाओ के बारे में जान सके तथा इंटरनेट की क्षमता (विशेष रूप से, स्काइप ई – मेल, ब्लॉगिंग और वेबसाइटों) द्वारा विभिन्न पंचायतों और ग्राम संस्थाओं से प्रतिनिधियों के बीच नेटवर्क स्थापित हो सके, जिससे उन्हें स्थानिय स्वसाशन जैसे मुद्दों, नये योजनाए एवं नये कार्यो के बारे में जान सके तथा दूसरे पंचायतो की उपलब्धियों एवं उनके काम करने के तरीके से सिख कर खुद भी अपने पंचायत में उसे लागू कर सके.
मोटे तौर पर यदि इसे देखा जाए तो यह कहा जा सकता हैं कि, यह परियोजना पंचायतों एवं ग्राम स्तरीय समितियों के कुछ चुने हुए लोगों के लिए हैं, जिसके तहत वे स्थानीय प्रशासन व्यवस्था एवं सुनुयोजित ढंग से अपने पंचायत के लिए, ज़रूरत अनुसार योजना बना सकें, इसके लिए उन्हें मुख्य रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसका एक और मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर तकनीकीकृत युवा लोगो का एक कैडर खड़ा करना हैं, इन्हे इंटरनेट की दुनिया से परिचित कराया जाए, ताकि ये एक कड़ी के रूप में पंचायतों के साथ जुड़ सके जिससे की पंचायतों के बीच जानकारी का आदान प्रदान हो सके तथा केंद्र सरकारी नीयमों एवं पंचायतों को आए हुए पैसों के बारे में जान सकें. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को “प्रारंभ“, “प्रजातंत्र“, “आयोजन का अधिकार” (२ भाग), “भविष्य” जैसे ५ भागों में बाँटा गया हैं. 73 संवैधानिक संशोधन, पेसा अधिनियम, 1996, राजकोषीय विकेन्द्रीकरण एवं पंचायतों को एक योजना ईकाई के रूप में स्थापित करना, जैसे विषय इस प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु रहेंगें, जिसके इर्द-गिर्द ये प्रशिक्षण रहेगा.
टेक्नॉलॉगी के उपयोग को को प्रोत्साहित करने के लिए, पंचायत स्तर पर नव-युवकों का एक काडर तैयार किया गया हैं, जिनको “प्रौद्योगिकी वर्धक सीख प्रक्रिया समर्थक“(तेल्पे) के नाम से जाना जाएगा. इनके प्रशिक्षण को टीन मॉड्यूल में बाँटा गया है, जिनको कि तेल्पे-१, तेल्पे-२ और तेल्पे-३ कहा गया हैं. इन मॉड्यूल का उद्देश्य पंचायत संबंधी नये सरकारी आदेशों के बारे में जानना, पंचायत उपयोगी जानकारी को हासिल करना एवं सामाजिक नेटवर्किंग साइटों और ब्लॉगों को बनाने एवं उनका रख-रखाव करने के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा. ये प्रशिक्षित तेल्पे फिर ये सारी चीज़ों को पंचायत प्रतिनिधियों एवं गाओं की समितियों के लोगों को सिखाएँगे.
ये परियोजना पहली बार कच्छ में शुरू किया गया था. कच्छ नवनिर्माण अभियान के समर्थन के साथ. कच्छ में 45 प्रतिभागियों – पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों के सदस्यों से, सेतु सूचना केन्द्र से पंचायत सचिवों प्रतिनिधियों प्रशासन मॉड्यूल ने भाग लिया. 15 प्रतिभागियों को सेतु सूचना केन्द्र से लिया गया जिन्होनें तेल्पे मॉड्यूल में भाग लिया. इस कार्यक्रम को दूसरे चरण में राजस्थान में किया जा रहा है, जिसे कि १२ पंचायतों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है. इसे सात पंचायतें प्रतापगढ़ की हैं और पाँच पंचायतें उदयपुर जिले की हैं, जिनमे कुल मिलकर 35 प्रतिभागियों प्रशासन मॉड्यूल में भाग ले रहे हैं और 15 प्रतिभागी तेल्पे मॉड्यूल में भाग ले रहे हैं.
रीसोर्सपर्सन्स
• श्रीरघुनंदन, विकाससलाहकार, पूर्वसंयुक्तसचिवपंचायतीराज, पंचायतीराजमंत्रालय
• सुश्रीसुषमाऐअन्गेर, विकाससलाहकार, कच्छनवनिर्माणअभियानकीसंस्थापक
• सुश्रीपरिमलाइनामदार, प्रधानसलाहकारटेकनोलोज एंड लर्निग अक्वेयररन्समॅनेज्मेंटकन्सलटेन्सी(प) लिमिटेड
• सुश्रीअनीतामाथुर

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